थावे मंदिर चोरी कांड में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, गाजीपुर से दबोचा गया मुख्य आरोपी


​गोपालगंज: बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे भवानी मंदिर में हुई चोरी की घटना ने न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाई थी, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे। लेकिन वहीं अब इस मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। खूफिया जानकारी और आधुनिक पुलिस इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने इस चोरी के मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है।

जब आस्था के केंद्र में हुई सेंधमारी

विगत दिनों गोपालगंज जिले के प्रसिद्ध थावे मंदिर में देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह और दान पेटी को निशाना बनाया था। चोरों ने मंदिर से माता के कीमती आभूषण, मुकुट और दान पेटी में जमा बड़ी धनराशि पर हाथ साफ कर दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था।

थावे मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों की अटूट श्रद्धा का केंद्र है। यहाँ हुई चोरी ने बिहार पुलिस के मुख्यालय तक को हिला कर रख दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान (SP) ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था।

​कैसे पहुँचा पुलिस का हाथ गाजीपुर तक?

चोरी की वारदात के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में लगे लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में कुछ संदिग्ध चेहरे नजर आए, जो घटना के समय मंदिर के आसपास देखे गए थे। पुलिस ने मुखबिरों के जाल को सक्रिय किया और तकनीकी सर्विलांस (Mobile Tracking) की मदद ली। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह अंतरराज्यीय है। संदिग्धों का लोकेशन लगातार बदल रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस ने एक मोबाइल नंबर को ट्रैक किया जिसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली।

छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

गोपालगंज पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और गाजीपुर के एक संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस ने वहां से मुख्य आरोपी को घेराबंदी कर धर दबोचा। आरोपी के पास से चोरी के कुछ सामान और नकदी बरामद होने की भी खबर है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार:

​आरोपी पेशेवर अपराधी है और पहले भी कई धार्मिक स्थलों को निशाना बना चुका है।
​गिरफ्तारी के समय आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उसे सफल नहीं होने दिया।
​फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाने की प्रक्रिया चल रही है।​

बरामदगी और गिरोह का खुलासा

पकड़े गए चोर से शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस चोरी में स्थानीय स्तर पर भी किसी ने चोरों की मदद की थी। चोरों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की पहले कई दिनों तक रेकी (Recce) की थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी किए गए कीमती आभूषण और मुकुट को कहाँ बेचा गया है या उसे कहाँ छुपा कर रखा गया है।

बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

थावे मंदिर जैसी संवेदनशील जगह पर चोरी होना सुरक्षा में एक बड़ी चूक मानी जा रही है। इस घटना के बाद मंदिर प्रबंधन समिति और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्णय लिया है। हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। रात के समय सुरक्षा गार्डों की तैनाती में इजाफा होगा। पुलिस की गश्ती टीम अब सीधे मंदिर के प्रवेश द्वारों की मॉनिटरिंग करेगी।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खुशी की लहर

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही थावे और गोपालगंज के लोगों में संतोष का भाव है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि माँ थावे वाली के दरबार में अन्याय नहीं हो सकता। लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, हालांकि उनकी मांग है कि मंदिर का सारा सामान शत-प्रतिशत बरामद किया जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।