Uttarpardesh News: उत्तर प्रदेश सरकार (Uttarpardesh government) का राज्य से कुपोषण उन्मूलन अभियान (Malnutrition Eradication Campaign) न केवल कुपोषित बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहा है, बल्कि गांवों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 63,000 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी प्रदान कर रहा है। सरकार के प्रवक्ता के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य राज्य से कुपोषण मिटाने के अभियान में लगी हुई हैं। स्वयं सहायता समूह राज्य के 75 जिलों के सभी विकास खंडों में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ से गेहूं, चावल, चना, दाल और खाद्य तेल से युक्त सूखा राशन खरीद और पैकेजिंग कर रहे हैं।

1,64,714 आंगनवाड़ी केंद्रों (1,64,714 Anganwadi Centers) से कुल 1,47,99,150 लाभार्थियों को सूखा राशन वितरित किया जा रहा है, जिसमें छह महीने से तीन साल की उम्र के बच्चे और तीन से छह साल के बच्चे, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं, कुपोषित बच्चे, और किशोर लड़कियां शामिल हैं। सरकार द्वारा शुरू की गई सूखा राशन परियोजना के माध्यम से लगभग 6,30,000 महिलाओं को रोजगार मिला है। राज्य सरकार भी चल रही महामारी के दौरान कुपोषित माताओं, बच्चों और लड़कियों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

सरकार ने यह जिम्मेदारी बाल विकास सेवा (Child development service) एवं पोषण विभाग (Nutrition Department) को सौंपी है। आंगनबाडी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker) एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्य कुपोषित बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को पोषाहार वितरण में लगे हुए हैं वहीं वितरण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जा रही है। राज्य सरकार रेसिपी फॉर बेस्ट टेक होम राशन योजना के तहत राज्य के 43 जिलों के कुल 204 विकास खंडों में उत्पादन इकाइयां भी स्थापित कर रही है। लगभग 15 से 20 महिलाएं नुस्खा तैयार करेंगी और आंगनबाडी केंद्रों पर वितरित करेंगी।

योजना के प्रथम चरण में फतेहपुर के विकास खण्ड मालवां तथा उन्नाव के बीघापुर में उत्पादन इकाई स्थापित की गयी। शेष 202 विकासखण्डों में शीघ्र ही उत्पादन इकाई स्थापित की जायेगी। प्रत्येक इकाई 15 से 20 महिलाओं को रोजगार देगी जिनकी संख्या 3060 तक पहुंच जाएगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही में कोरोनोवायरस महामारी के बीच कुपोषित बच्चों को तीन महीने के लिए पौष्टिक भोजन वितरित करने के लिए आवश्यक धनराशि जारी की। कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को अनाज, दालें, घी और दूध पाउडर का वितरण किया जाता है।

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