आखिर क्यों Wasim Rizvi ने किया धर्म परिवर्तन? वजह जान हैरान हो जाएगें आप

0
Wasim Rizvi

नई दिल्ली: शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड (Shia Central Waqf Board) के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी (Wasim Rizvi) ने इस्लाम धर्म बदलकर सनातन धर्म अपना लिया है। धर्म परिवर्तन के बाद अब उनका नया नाम जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (Jitendra Narayan Singh Tyagi) होगा।

गाजियाबाद (Ghaziabad) में यति नरसिंहानंद के नेतृत्व में वसीम रिजवी यानी जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी हिन्दू धर्म में शामिल हो गए हैं। जिसके बाद वो मंदिर में नजर आए। वो हाथ जोड़कर भगवान की पूजा कर रहे थे। जहां उन्होंने माथे पर त्रिपुंड लगाया हुआ था। साथ ही उनके गले में भगवा बाना भी नजर आया।

अपने बयानों के कारण जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) हमेशा विवादों के घेरे में रहे हैं। उन्हें अक्सर इस्लाम विरोधी बोला गया है। साथ ही मुस्लिम समाज के कई लोग हमेशा उनके खिलाफ खड़े रहते हैं।

दरअसल वसीम रिजवी ने कुरान पाक से 26 आयतें हटाने की मांग की थी। जिसके लिए उन्होंने उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में याचिका भी दायर की थी। वसीम रिजवी के मुताबिक कुछ आयत धर्म के नाम पर कट्टरता फैलती है और उन्हें हटाने के बाद इस्लाम में सही सीख मिलेगी। इस कदम को उठाने के बाद रिजवी को जान से मरने की धमकियां भी मिली थी।

अयोध्या राम मंदिर मामले में भी जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी (वसीम रिजवी) के कई बयान अहम रहे थे। उन्होंने शिया वक्फ (Shia Waqf) की ओर से सारी जमीन राम मंदिर के लिए सौंपने का आग्रह किया था। उनके अनुसार उस जमीन पर मूल रूप से मंदिर का अधिकार है और उस जमीन पर शियाओं ने कब्जा कर रखा था।

विवादित बयानों का सिलसिला ये यहां पर खत्म नहीं होता। हाल ही में एक पुस्तक “मोहम्मद” (Mohammad) का रिजवी ने लेखन और प्रकाशन किया था। जिसमें उन्होंने हरे झंडे को इस्लाम का प्रतीक बताया। जिसको मानने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की थी।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सारे मामलों की याचिकाओं को खारिज किया था। जिसके बाद ना तो कुरान शरीफ से आयतों को हटाया गया था और ना ही हरे झंडे को इस्लाम का प्रतीक माना गया था।

आज सोमवार को धर्म परिवर्तन करने के बाद अपने ट्विटर पर अपने पहले नाम वसीम रिजवी के साथ-साथ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी भी लिख दिया। उन्होंने ट्वीट भी जारी किया। जिसमें उन्होंने लिखा है कि “मुझे कोई मुस्लिम कहता है तो मुझे बहुत शर्म आती है।


साथ ही इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने के बाद उन्होंने ये भी कहा है कि “अपनी मां के गोद में लौटने जैसा लग रहा है।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here