आपको बताते हैं आखिर ये जल जीवन मिशन है क्या?

जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कमेटी वर्करों को रखा जाएगा। इन्हें केंद्र सरकार की ओर से दो हजार रुपये की पेमेंट दी जाएगी। ग्राम प्रधान इन वर्करों का चयन करके जलनिगम को प्रस्ताव भेजेंगे।

जल जीवन मिशन योजना के तहत संडवा चंद्रिका क्षेत्र में सई व चमरौधा नदी के किनारे के गांवों में पेयजल की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है।वहां पाने के पानी की टंकियां लगवाई जाएंगी। पहले चरण में क्षेत्र के डेढ़ दर्जन गांव में टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। अब इस योजना में गांव के लोगों को पेयजल के लिए जागरूक करने के लिए पेयजल कमेटी वर्कर भी रखे जा रहे हैं।

जो गांव के लोगों को पानी को स्टोर करने, पानी को जरुरत के मुताबिक ही खर्च करने और इस्तेमाल करने, पानी को बर्बाद होने से बचाने, शुद्ध पेयजल को पीने से सहित खारे व दूषित पानी के पीने से शरीर में फैलने वाली बीमारी के बारे में गांव के लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही ग्राम पंचायच स्तर पर जल जीवन मिशन की समय-समय पर होने वाली बैठकों को बुलाने का दायित्व भी इन्ही के पास होगा।

इसी क्रम कोलबजरडीह की प्रधान अनीता बसंत सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन की बैठक भी हुई थी, जिसमें जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए ब्लाक कोऑर्डिनेटर धर्मेंद्र कुमार व जयप्रकाश दुबे ने स्वच्छ पेयजल व स्वच्छता समिति का गठन कर जल जीवन मिशन के बारे में गांव वासियों को जागरूक किया था।

इस योजना से गांव के हर घर में जल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगा। गांव की बैठक आदि के बारे में जानकारी देने के लिए एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता को दो हजार रुपये मानदेय भी देने की भी व्यवस्था की गई है। बैठक में शिवबरन सिंह, नौशेर सरोज, अरविद सरोज, कमला, रोशनी, रुचि सिंह, राजाराम कोरी, सुजाता, शिवशंकर सिंह आदि मौजूद रहे थे।

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