TRAI: देश में स्मार्टफोन को किफायती बनाने के लिए ट्राई ने शुरू की नई पहल, आम लोगों से लेंगे राय

TRAI: जैसे-जैसे देश और दुनिया में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है, वैसे ही सभी इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों और दूरसंचार विभाग के अधिकारी स्मार्टफोंस और अन्य टेक्नोलॉजी की चीजों पर काफी ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

आज के समय में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा, जिसके पास स्मार्टफोन ना मिले। सस्ता हो या महंगा, लेकिन लोगों के पास आज के समय में स्मार्टफोन होना बहुत ही ज्यादा आम बात हो गई है। लोग इसका इस्तेमाल काफी चीजों के लिए करते हैं और स्मार्टफोन से उनकी जिंदगी काफी ज्यादा आसान भी हो गई है।

ट्राई ने आम लोगों से स्मार्टफोन को लेकर मांगी राय


इतनी सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए भारत में स्मार्टफोन को किफायती बनाने के लिए ट्राई ने एक नई पहल शुरू की है। दरअसल दूरसंचार नियामक ने आम लोगों से इसको लेकर राय मांगनी शुरू की है। दूरसंचार नियामक ट्राई ने डिजिटल समावेशन के लिए देश में स्मार्टफोन को किफायती किस तरीके से बनाया जा सकता है, किन साधनों को इस्तेमाल किया जा सकता है। इन सारी चीजों के लिए आम लोगों को टिप्पणी देने के लिए आमंत्रित किया है। इसके लिए विभाग की तरफ से एक परामर्श पत्र जारी किया गया है।

ट्राई ने आम लोगों के लिए जारी किया परामर्श पत्र

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी कि ट्राई ने उभरती टेक्नोलॉजी के युग में डिजिटल समावेशन पर परामर्श पत्र जारी किया है। इसमें लोगों से उन्होंने सुझाव मांगे हैं, कि वह किस तरह के स्मार्टफोन मार्केट में चाहते हैं। क्या उनकी कीमत होनी चाहिए और क्या उन स्मार्टफोंस के अंदर फीचर्स होने चाहिए। इसके साथ ही लोकल मैन्युफैक्चरिंग को भी ट्राई ने केंद्र में रखा है।

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ट्राई की तरफ से चलाए गए इस अभियान की आखिरी तारीख 16 अक्टूबर और जवाबी टिप्पणी के लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर तय की गई है। परामर्श पत्र में ट्राई ने देश में स्मार्टफोन फाइनेंसिंग और सेकंड हैंड स्मार्टफोन के इस्तेमाल का उदाहरण भी दिया है।


ट्राई ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर की कम पहुंच, सीमित डिजिटल साक्षरता और अफोर्डेबिलिटी के मुद्दे उभरती टेक्नोलॉजी के समान वितरण और उपयोग में बाधा बन सकते हैं। इसके कारण डिजिटल समावेशन समान नहीं रहेगा। उभरती टेक्नोलॉजी के लिए व्यापक डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करने के लिए इन कारणों को कम करना जरूरी है।

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हर्ष पिछले 4 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मूल रूप से हर्ष गोरखपुर के रहने वाले हैं। हर्ष इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ साथ डिजिटल मीडिया का भी अनुभव रखते हैं फिलहाल समाचार नगरी में बिजनेस बीट पे काम कर रहे है। हर्ष बिजनेस के अलावा एंटरटेनमेंट, पॉलिटिकल, लेटेस्ट न्यूज, वायरल के साथ साथ धर्म बीट पर काम कर चुके हैं। इसके साथ ही हर्ष ने कई डिजिटल चैनल्स पर जमीन पर उतरकर रिपोर्टिंग भी की है।