योगिता लढ़ा, नई दिल्ली। स्वामी विवेकानंद जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) के उप्लक्ष में 12-18 जनवरी के दौरान राष्ट्रीय युवा सप्ताह (National Youth Week) मनाया जा रहा हें। जिसमें विशेषज्ञों ने भारत को तंबाकू मुक्त बनाने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि टैक्स में उल्लेखनीय वृद्धि और एक सख्त तंबाकू विरोधी कानून (COTPA) से ये कार्य क्या जा सकता हैं। COTPA के लिए प्रस्तावित बिल को लागू करना, तंबाकू की खपत को रोकने के लिए आगे का रास्ता है। आपको बता दें, कार्यक्रम के दौरान “What India Wants” नामक ई-बुक जारी की गई थी। 12 जनवरी से शुरू हुए राष्ट्रीय युवा सप्ताह के तहत केंद्र सरकार कई राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर हुआ “तंबाकू से स्वतंत्रता” वेबिनार:

NCPCR अध्यक्ष- “OTT पर भी बैन होना चाहिए”

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष श्री प्रियांक कानूनगो (Shri Priyank Kanungo) ने “What India Wants” पर मुख्य भाषण दिया। जिसमें उन्होंने तंबाकू की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैक्स में वृद्धि की वकालत की है। कानूनगो ने कहा कि ऐसे घातक तंबाकू उत्पादों की आसान उपलब्धता, खासकर युवाओं के लिए हानिकारक है। करों में वृद्धि इन उत्पादों के इस्तेमाल को कम कर देगी। साथ ही जो लोग तंबाकू से संबंधित बीमारियों से पीड़ित है, उनके ऊपर अर्जित रिवैन्यू का उपयोग किया जा सकता है।

तंबाकू उत्पादों पर करों की बढ़ोतरी के अनुरोध करने के अलावा, NCPCR अध्यक्ष ने फिल्मों, ओटीटी (OTT) और अन्य मीडिया पर करों में वृद्धि का भी सुझाव दिया, जो किसी भी रूप में तंबाकू का उपयोग दिखाते हैं। उन्होंने बताया, “इसके उपयोग को प्रदर्शित करने वाले मीडिया पर अधिक कर लगाने से, लोग ऐसी मीडिया का प्रोत्साहन नहीं करेंगे। 

NCPCR ने सरकार से अनुरोध किया है कि बढ़े हुए करों के बाद जो राशि इकट्ठा होगी, उसे पुनर्वास के लिए लगाया जाए। “तंबाकू कंपनियां एक मनोवैज्ञानिक कार्य कर रही हैं। इनके विज्ञापन मिठाई, कैंडी और खिलौनों के साथ गुटखा और बीड़ी जैसे तंबाकू उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देकर छोटे बच्चों को टार्गेट कर रहे हैं।” कानूनगो ने कहा। फ़िलहाल भारत में हर साल 13 लाख से अधिक नागरिकों की तंबाकू या उसके धुएं के कारण मौत हो जाती है। 

एम्स की रुमेटोलॉजी प्रोफेसर ने क्या कहा?

एम्स, नई दिल्ली के रुमेटोलॉजी विभाग (AIIMS, New Delhi: Department of Rheumatology) की प्रमुख प्रोफेसर डॉ उमा कुमार (Dr Uma Kumar) ने कहा, “ध्यान रखना तंबाकू सेवनकर्ताओं की संख्या बढ़ रही है और ये डरावना है कि उनमें से 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.5 प्रतिशत बच्चे हैं।”

डॉ उमा ने बताया कि तंबाकू का लंबे समय तक सेवन खतरनाक है। इससे कार्डियो-वैस्कुलर समस्याएं (Cardio-vascular problems), न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (neurological disorders), स्ट्रोक, सांस की दिक़्क़त और ख़राब ऑटो-इम्यून जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। 

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भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी ने क्या “तंबाकू” पर कहा?

महाराष्ट्र (Maharashtra) की युवा नेता और भाजपा प्रवक्ता श्वेता शालिनी (BJP spokesperson Shweta Shalini) भी इस अवसर पर मौजूद रही। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को देश की ताकत बताया था और स्वास्थ्य उनके लिए सबसे ज़रूरी होना चाहिए। आज युवाओं को इससे सबसे ज्यादा खतरा है। शालिनी ने कार्यक्रम के दौरान “What India Wants” का जिक्र किया। ये एक बार फिर साबित हो गया है कि भारत के लोग चाहते हैं कि युवाओं को इस खतरे से बचाने के लिए तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया जाए, उन्होंने कहा। 

क्या है “What India Wants”?

इस अवसर पर ई-बुक “What India Wants” जारी की गई थी। जो विभिन्न सर्वे और सर्वे के परिणामों से बनी है। जिसमें ये बताया गया है कि 88 प्रतिशत से अधिक लोग चाहते हैं कि तंबाकू नियंत्रण कानूनों को लागू किया जाए। आपको बता दें, 10 राज्यों में किए गए एक वैज्ञानिक सर्वे और विभिन्न संबंधित नागरिकों द्वारा किए गए कई ट्विटर पोल भी इस ई-बुक में शामिल हैं।

तंबाकू का सेवन देश में गहरी जड़ें जमा रहा है। हमारे बच्चों और युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। नवीनतम ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे (GYTS-4) के अनुसार, हैरानी की बात ये है कि 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अब इसका सेवन कर रहे हैं इसलिए इसके उपयोग को कम करने के लिए कर बढ़ाए जाने चाहिए। विशेषज्ञ तंबाकू की खपत को बेहतर ढंग से रोकने के लिए तंबाकू नियंत्रण कानून, कोटपा में प्रस्तावित बिल को पास करने पर जोर दे रहे हैं।

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