देश की बेटी ने रचा इतिहास, चीन को दिखाई उनकी औकात…

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आज टोक्यो ओलंपिक का आज 8वां दिन है और भारत के खाते में महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एक नया मेडल लाने की तैयारी कर ली है। उन्होंने 69 किलो वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीनी के ताइपे की निएन चिन चेन को 4-1 से हार का स्वाद चखा दिया है। इसी के साथ लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।

लवलीना बोरगोहेन के जिवन के बारे में कूछ अनसूनी बाते। 24 साल की लवलीना बोरगोहेन भारत की पूर्वोत्तर राज्य असम की रहने वाली हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1997 को असम के गोलाघाट में हुआ था,लवलीना बोरगोहे के पिता का नाम टिकेन बोरगोहेन हैं,और माता का नाम ममोनी बोरगोहेन हैं.लवलीना की दो बड़ी बहन भी है, जोकि जुड़वा है। उनकी बड़ी बहन ने किक बॉक्सिंग में अपना करियर बनाना चाहती हैं, लेकिन किसी कारण वह उसे आगे नहीं बढ़ा सकी। वहीं लवलीना ने अपनी बड़ी बहन के सपने को साकार करने के लिए किक बॉक्सिंग की शुरुआत की, लेकिन कुछ समय के बाद वे मुक्केबाजी की ओर अपना रूख मोड़ लिया और आज अपने देश भारत के लिए मेडल लेकर आई हैं।

लेकिन दूसरी तरफ तीरंदाजी में मेडल लानें के सफर का अंत हो चुका है वो भी बिना मंजिल पर पहूचे। भारत की खिलाड़ी दीपिका कुमारी क्वार्टर फाइनल का मुकाबला हारकर बाहर हो गई हैं।

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