नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है कि पुरस्कार का नाम बदलकर महान ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए उनसे बहुत लोगों ने अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री ने आज घोषणा कर बताया कि भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया जाएगा। पुरूस्कार का नामकरण परम हॉकी नायक और खेल के दिग्गज, ध्यानचंद के नाम पर होगा।


साथ ही पीएम ने यह भी बताया कि यह निर्णय देशभर से मिले लोगों के अनुरोध पर आधारित है। “मुझे भारत भर के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध मिल रहे हैं, मैं उनके विचारों के लिए उन्हें धन्यवाद देता हूं।
यह बदलाव उस दिन के लिए भी आता है, जब भारत की महिला हॉकी टीम टोक्यो ओलंपिक में अपने उत्साही प्रदर्शन से ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूक गई थी। एक दिन पहले, पुरूष हॉकी टीम ने 41 साल के इंतजार के बाद ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।


“पुरूष और महिला हॉकी टीम के असाधारण प्रदर्शन ने हमारे पूरे देश की थिंकिंग पर कब्जा कर लिया है। हॉकी के प्रति एक नई रूचि है जो पूरे भारत में उभर रही है। यह आने वाले समय के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।” प्रधानमंत्री ने अपने अन्य ट्वीट में पुरस्कार के नए नाम की घोषणा करने से पहले यह कहा।


देश के लिए ओलंपिक में 3 स्वर्ण पदक जीतने वाले ध्यानचंद, जिनके जन्मदिन को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

आपको बता दें इस पुरूस्कार को देने की शुरूआत 1991-92 में की गई थी, इस पुरस्कार में एक पदक, एक प्रमाण पत्र और 23 लाख रूपय का नकद शामिल है। इस खेल रत्न को प्राप्त करने वाले पहले दिग्गज विश्वनाथ आनंद थे, उन्होंने शतरंज में यह अवार्ड जीता था। हाल के वर्षों में कुछ विजेताओं में क्रिकेटर रोहित शर्मा, पहलवान विनेश फोगट, महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल सहित अन्य शामिल हैं।

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