नीरज चोपड़ा को है जीतने की जिद्द, पहले भी ला चुके हैं कई गोल्ड मेडल

0
Neeraj_Olympian

नीरज चौपड़ा भारतीय भाला फेंक एथलीट है, जिनका जन्म हरियाणा के खंडार गांव में हुआ है। जो पानीपत जिले में है। उनकी प्रसिद्धि का कारण राष्ट्रमंडल खेलों(2018) में स्वर्ण पदक, दक्षिण एशियाई खेल (2016) मे स्वर्ण और विश्व जूनियर चैम्पियनशिप (2016) मे स्वर्ण और अब ओलंपिक (2021) में स्वर्ण हासिल किया है।
टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है। जिस गोल्ड की सभी को लंबे समय से इंतजार था, वो इंतजार आज नीरज चोपड़ा ने जेवलिन में पूरी कर दी है। शानदार प्रदर्शन करते हुए नीरज ने सभी खिलाड़ियों को पछाड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

Neeraj Chopra Tokyo olympic||Neeraj Chopra javelin throw||neeraj Chopra Neeraj Chopra final match

नीरज चौपड़ा हरियाणा के एक छोटे से गांव खंडारा से है उनके पिताजी किसान है और उनका प्रमुख कार्य खेती से चलता था। नीरज को भाला फेंक में कोई रुचि नहीं थी उन्हें तो कबड्डी में रुचि थी लेकिन बाद ने उनका मन बदला और भाला फेंक में भी उनकी रुचि बन गई। लेकिन गांव के आसपास कोई स्टेडियम ना होने की वजह से उनको घर से 15 किलोमीटर दूर पानीपत प्रेक्टिस के लिए जाना पड़ता था।

नीरज को सबसे ज्यादा प्रभावित और मोटिवेट उनके सीनियर जयवीर ने किया जयवीर नीरज चौपड़ा के अच्छे दोस्त थे। और उनके साथ ही स्टेडियम मे प्रेक्टिस किया करते थे। नीरज के पास भाला खरीदने के भी पैसे नही थे क्योंकि भाला बहुत महंगा आता है और एक किसान के बेटे के लिए भाला खरीदना बस की बात नहीं थी। इसलिए नीरज ने 6 हजार का भाले खरीदा और उस से प्रेक्टिस किया करते थे।

नीरज को वॉलीबाल और कबड्डी पसंद थी फिर कैसे आए जेवेलियन थ्रो में
बचपन में नीरज को वॉलीबाल और कबड्डी खेलना काफी पसंद था। लेकिन 14 साल की उम्र में जेवेलिन थ्रो से उनका लगाव पहली बार हुआ। दरअसल अपने शुरूआती समय में नीरज का वजन काफी था। ऐसे में उनके घर वालों ने उन्हें जिम भेजना शुरू कर दिया था। लेकिम जिम में नीरज का मन नही लगता था तो उनके घर वालो ने उन्हें स्टेडमय में भेजना शुरू कर दिया। स्टेडियम में दूसरे एथलीट को देखकर नीरज के अंदर भी एथलीट बनने की इच्छा जागी।

बता दे की नीरज की क्षिक्षा डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा से हुई है। इसके बाद नीरज चोपड़ा भारतीय सेना में बतैर नायब सूबेदार के पद पर हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here