भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा और अंतिम वनडे 7 रन से जीती। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की और इंग्लैंड के सामने 330 रनों का विशाल लक्ष्य रखा। शिखर धवन, ऋषभ पंत, हार्दिक पांड्या ने पचास से अधिक स्कोर बनाया और अंत में, शार्दुल ठाकुर ने टीम के लिए एक अच्छा कैमियो खेला।

दूसरी पारी की बात करें तो भारतीय गेंदबाज पारी की शुरुआत से ही इंग्लिश बल्लेबाजों पर दवाव बना कर रखा था, लेकिन साथ ही वे रन-रेट को नियंत्रित करने में असफल रहे। अंत में, सैम करण ने टीम के लिए वन मैन आर्मी के रूप में खड़े थे, और 96 रन नाबाद बनाए। वही भारत के तरफ से शार्दुल ठाकुर गेंद से शानदार थे क्योंकि उन्होंने महत्वपूर्ण समय पर चार विकेट लिए थे।

सैम करण जब बल्लेबाज़ी कर रहे थे तब ऐसा लग रहा था की इंग्लैंड मैच जीत सकती है और वो भी कुछ ओवर रहते और आखिरी दो ओवरों में केवल 19 रन चाहिए थे।

भारत ने श्रृंखला 2-1 से जीती और साथ ही तीनों प्रारूपों में जीत हासिल कर क्लीन स्वीप की हैं। श्रृंखला से भारत के बारे में सकारात्मक बात करे तो हार्दिक पांड्या को एक पूर्ण ऑलराउंडर के रूप में देखने को मिला क्योंकि उन्होंने बल्ले और गेंदबाजी दोनों के साथ मैदान पर एक ही ऊर्जा के साथ योगदान देना शुरू कर दिया है। उन्हें केएल राहुल फॉर्म में वापस आए वह एकदिवसीय श्रृंखला में भारत के तरफ से सबसे अधिक स्कोरर थे। मध्य क्रम में खेलने का मौका मिलने के बाद ऋषभ पंत ने भी अच्छी वापसी की है, ऋषभ ने दूसरे मैच में 77 और फाइनल मैच में 78 रन बनाए।

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