पांडवों की इस धार्मिक कथा से मिलेगी बहुत बड़ी सीख, 1 बार आवश्य पढ़ें…

पांडवों

पांडवों और कौरवों को शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा देते हुए एक बार गुरु द्रोणाचार्य को उनकी परीक्षा लेने का मन बनाया। दूसरे दिन आचार्य ने दुर्योधन को अपने पास बुलाया और कहा कि तुम एक अच्छा आदमी ढूंढकर ले आओ। दुर्योधन अच्छे आदमी की खोज में निकल गया। कुछ दिनों बाद वापस दुर्योधन गुरु द्रोण  के पास आया और कहा कि मैंने कई नगरों और गांवों को ढूंढ लिया। लेकिन मुझे कहीं भी कोई अच्छा आदमी नहीं मिला।

युधिष्ठिर ढूंढने गए बुरा आदमी

इसके बाद गुरु द्रोण ने युधिष्ठिर को बुलाया और कहा कि कोई बुरा आदमी ढूंढकर लाओ। काफी दिनों बाद वह लौटकर आए तो आचार्य से कहा कि मैंने धरती के कोने-कोने में बुरा आदमी खोजा, लेकिन मुझे कोई बुरा आदमी नहीं मिला।

इसलिए मुझे खाली हाथ लौटना पड़ा। इसके बाद सभी शिष्यों ने गुरु द्रोणाचार्य से पूछा कि आचार्य ऐसा क्यों हुआ कि दुर्योधन को कोई अच्छा आदमी नहीं मिला और युधिष्ठिर को कोई बुरा आदमी नहीं मिला?

गुरु द्रोण ने जवाब में क्या कहा?

गुरु द्रोण ने इस सवाल का का जवाब देते हुए का जो व्यक्ति जैसा होता है उसे दुनिया वैसे ही दिखाई देती है। इसी प्रकार दुर्योधन को कोई अच्छा आदमी नहीं मिला और युधिष्ठिर को कोई बुरा आदमी नहीं मिला।

सुप्रिया राज को मीडिया छेत्र में लगभग दो सालो का अनुभव है। सुप्रिया दैनिक भास्कर में बतौर एंटरटेनमेंट न्यूज़ कंटेंट राइटर के रूप में काम किया है, उसके बाद कई सारे मीडिया हाउस में फ्रीलान्स भी किया किया है। फरवरी 2023 से समाचार नगरी के साथ जुडी है और यहां (एंटरटेनमेंट, धर्म/अध्यात्म, ज्योतिष, गैजेट, और ऑटो) की खबरों पर काम कर रही हैं। सुप्रिया राज का मकसद लोगों तक बेहतरीन हिंदी स्टोरी पहुंचाना है।