कैसे हुआ था कर्ण का अंतिम संस्कार? भगवान कृष्ण ने क्यों दिया था दानवीर कर्ण को वरदान…

why did the last rites of karna was done by shri krishna

देवभूमि उत्तराखंड से ही पवित्र नदी गंगा का उद्गम माना जाता है, इसी देवभूमि में पांच प्रयाग हैं, जिनमें से तीसरा प्रयाग कर्ण प्रयाग है, उत्तराखंड के चमोली जिले में कर्ण नगरी के नाम से मशहूर कर्ण प्रयाग है, जहां अलकनंदा और पिंडर का संगम होता है। साथ ही संगम का भगवान श्रीकृष्ण और कर्ण से भी खास नाता है। मान्यता है कि महाभारत के युद्ध में जब कर्ण को अर्जुन ने घायल कर दिया था, तो उसकी मृत्यु नहीं हुई थी। जब कृष्ण को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने ब्राह्मण वेश धारण कर कर्ण के अच्छे कर्मों को दान में मांग लिया था, जिसे कर्ण ने दान में दे दिया था।

क्या है कर्ण प्रयाग की मान्यता?

इस दान से श्रीकृष्ण कर्ण से बेहद खुश हुए और उन्होंने कर्ण से वरदान मांगने को कहा कर्ण ने उनसे ऐसी भूमि पर अपना अंतिम संस्कार करने की इच्छा जताई थी, जहां पहले कभी किसी का अंतिम संस्कार न किया गया हो साथ ही और कर्ण ने यह भी कहा था कि मेरी अस्थियां वहां प्रवाहित की जाए, जहां किसी की अस्थियां विसर्जित न हुई हो। मान्यता है कि कर्ण की अंतिम इच्छा को मानते हुए श्रीकृष्ण ने अपनी बाईं हथेली पर चिता बनाकर कर्ण का अंतिम संस्कार किया था और कर्णप्रयाग के इसी संगम पर कर्ण की अस्थियां प्रवाहित किया गया था। इसी वजह से आज भी यहां लोग अपने पितरों के पिंडदान के लिए यहां आते हैं।

कर्ण प्रयाग में पिंडदान का महत्व

स्थानीय लोगो का कहना है कि कर्णप्रयाग पांच प्रयागों में से तीसरा प्रयाग है, जहां भगवान कृष्ण ने दानवीर कर्ण की अस्थियों को प्रवाहित किया था और आज भी संगम स्थल पर अस्थियां प्रभावित की जाती हैं। लोग यहां अपने पितरों की अस्थियां विसर्जित करने आते हैं वह आगे कहते हैं कि संगम में पिंडदान का बेहद खास महत्व है। मान्यता है कि संगम पर पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष मिल जाता है और दोबारा उसे व्यक्ति को पृथ्वी लोक पर जन्म नहीं लेना पड़ता।

सुप्रिया राज को मीडिया छेत्र में लगभग दो सालो का अनुभव है। सुप्रिया दैनिक भास्कर में बतौर एंटरटेनमेंट न्यूज़ कंटेंट राइटर के रूप में काम किया है, उसके बाद कई सारे मीडिया हाउस में फ्रीलान्स भी किया किया है। फरवरी 2023 से समाचार नगरी के साथ जुडी है और यहां (एंटरटेनमेंट, धर्म/अध्यात्म, ज्योतिष, गैजेट, और ऑटो) की खबरों पर काम कर रही हैं। सुप्रिया राज का मकसद लोगों तक बेहतरीन हिंदी स्टोरी पहुंचाना है।