दिल्ली के बोर्डो पर 4 महीने से भी ज़्यादा समय से किसान अपनी मांगों पर टिके हुए हैं। होलिका दहन के कार्यक्रम के दौरान गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों ने नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई।

प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता है और एम.एस.पी पर एक अलग कानून लागू किया जाता है।

संयुक्ता किसान मोर्चा ने यह भी कहा कि वह 5 अप्रैल को “FCI बचाओ दिवस” ​​मनाएगे, जिसमें कहा गया है कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के कार्यालयों को देश भर में सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रखा जाएगा।

“सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को समाप्त करने के लिए कई प्रयास किए हैं। पिछले कुछ वर्षों में FCI का बजट भी कम हुआ है। हाल ही में, FCI ने फसलों की खरीद के नियमों में भी बदलाव किया है,” संयुक्ता किसान मोर्चा ने एक बयान में कहा।

वही दिल्ली के अलावा पंजाब में भी किसानों ने कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई और सरकार को उनके आंदोलन को नज़रअंदाज़ करने पर घेरा हैं।

अब तक, प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों और सरकार के बीच 11 दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन फिर भी गतिरोध जारी है क्योंकि दोनों पक्ष अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

जनवरी में, सरकार ने 12-18 महीनों के लिए कृषि कानूनों को रोकने का प्रस्ताव रखी थी, जिसे किसान संघों ने अस्वीकार कर दिया था।

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