Parliament Attack 2001: संसद भवन की ये है खास बातें!

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parliament attack 2001

नई दिल्ली: भारतीय संसद (Indian Parliament) पर हुए आतंकी हमले ने आज 20 साल पूरे कर लिए है। 13 दिसंबर, 2001 की सुबह सफेद रंग की एम्बेसडर (Ambassador) कार में मौजूद 5 आतंकियों ने संसद भवन में घुसने की कोशिश की थी लेकिन अपने मकसद में नाकाम रहे थे। Parliament attack 2001

13 दिसंबर को हुए इस हमले में भारत ने अपने 9 वीर सपूतों को खो दिया था। जिसमें जे पी यादव (J.P. Yadav), मतबर सिंह (Matbar Singh), कमलेश कुमारी (Kamlesh Kumari), नानक चंद (Nanak Chand), रामपाल (Rampal), ओमप्रकाश (Om Prakash), घनश्याम (Ghanshayam), बिजेन्दर सिंह (Bijender Singh) और देशराज (Deshraj) के नाम शामिल हैं। साथ ही इस हमले में न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के कैमरामैन विक्रम सिंह बिष्ट (Vikram Singh Bisht) को भी जान गवानी पड़ी थी।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस हमले में अफजल गुरु (Afzal Guru) को मुख्य आरोपी करार किया था। जिसके बाद फरवरी 2013 को दिल्ली (Delhi) के तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में उसे फांसी दे दी गई थी।

शहीदों को याद करते हुए नीचे पढ़िए भारतीय संसद के बारे में कुछ खास बातें!

• भारत के संसद भवन को एडविन लुटियंस (Edwin Lutyens) और हर्बर्ट बेकर (Lord Irvin) ने डिजाइन किया गया था। इसका उद्घाटन 1927 में भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल (Governor General of India) लॉर्ड इरविन (Lord Irvin) ने किया था।
• पूरे भवन के निर्माण में 6 साल लगे थे।
• निर्माण की कुल लागत 8.3 मिलियन रुपये थे।
• भारतीय संसद और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) के 64 योगिनी मंदिर के बीच चौंकाने वाली समानताएं हैं। इस मंदिर को 11वीं शताब्दी में बनाया गया था।
• संसद का सेंट्रल हॉल ऐतिहासिक महत्व रखता है। अधिकारिक तौर पर ब्रिटेन से भारत को सत्ता इसी सेंट्रल हॉल में मिली थी।
• सेंट्रल हॉल 15 अगस्त 1947 की शाम को पं. जवाहरलाल नेहरू (Pt. Jawaharlal Nehru) द्वारा दिए गए भाषण “ट्रिस्ट विद डेस्टिनी” (Tryst with Destiny) का भी साक्षी रहा है।
• भारतीय संसद भवन के दो सदन है: लोकसभा और राज्यसभा। राज्यसभा और लोकसभा दोनों के कार्पेट का रंग अलग-अलग होता है।
• राज्यसभा में लाल रंग का कार्पेट लगाया जाता है। इसे उच्च सदन कहा जाता है। जो महानता और रॉयल्टी का प्रतीक है।
• लोकसभा को निचला सदन या लोगों का सदन कहा जाता है। इस सदन में हरा कार्पेट लगाया जाता है क्योंकि हरा रंग हरियाली, खेत और वनस्पति का प्रतीक है जिससे आम लोग जुड़े हुए हैं।
• संसद पुस्तकालय (Library) भारत का दूसरा सबसे बड़ा पुस्तकालय है। संसद पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 1921 में हुई थी। सांसदों की सहायता के लिए पुस्तकालय में विभिन्न भाषाओं में पुस्तकें रखी गई है।
• भारत के राष्ट्रपति को संसद में कमरा नंंo13 दिया जाता है।
• संसद में कुल 6 लिफ्ट हैं।
• संसद में दाखिल होने के लिए 12 अहम दरवाजे हैं।
• भारतीय संसद में अब तक सेवा करने वाले सबसे पुराने सदस्य रिशांग कीशिंग (Rishang Keishing) थे। वो मणिपुर (Manipur) राज्य की कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सदस्य थे। उन्होंने 2002 से 2008 तक और फिर 2008 से 2014 तक दो बार राज्यसभा में अपनी अहम भूमिका निभाई है। वे वर्ष 2014 में 93 वर्ष की आयु में राज्यसभा से रिटायर हुए। 22 अगस्त, 2017 को 96 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।
• संसद के सदस्य के रूप में अब तक के सबसे कम उम्र के सदस्य दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) हैं। दुष्यंत चौटाला आईएनएलडी (Indian National Lok Dal) का हिस्सा हैं। वो ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) के पोते हैं। उन्होंने हिसार (Hisar) लोकसभा सीट से कुलदीप बिश्नोई (Kuldeep Bishnoi) को हराया और फिर 16वीं लोकसभा सदस्य के रूप में संसद में प्रवेश किया था।
• भारतीय संसद में पहली महिला स्पीकर मीरा कुमार (Meira Kumar) थी।

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