महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौत, कमरे से मिला 7 पन्नो का सुसाइड नोट…

प्रयागराज में भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक, उनका शव अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी मठ के कमरे में फंदे से लटका मिला है।

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Mahant Narendra Giri Suicide
Mahant Narendra Giri Suicide

गुरुत्व राजपूत, नई दिल्ली: प्रयागराज में भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। पुलिस के मुताबिक, उनका शव अल्लापुर में बाघंबरी गद्दी मठ के कमरे में फंदे से लटका मिला है। प्रयागराज के नगर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि महंत अपने कमरे में फांसी के फंदे पर झूलता मिला। हालही में खबर आई कि महंत के घर से फोरेंसिक टीम ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है।

सुसाइड नोट में महंत नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि और दो अन्य लोगों पर आरोप लगाया था, जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया है। इसके साथ ही हनुमान मंदिर के प्रधान पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उसका पुत्र संदीप तिवारी भी शामिल हैं। इन दोनों का भी नाम सुसाइड नोट में था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनको 7 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें महंत नरेंद्र गिरि ने वसीयतनामा की तरह लिखा है, इसमें शिष्य आनंद गिरि का भी जिक्र है। नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में यह जिक्र भी किया है कि किस शिष्य को क्या देना है? कितना देना है? सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वह अपने कुछ शिष्यों के व्यवहार से बहुत ही अपमानित महसूस कर रहे थे और दुखी हैं और इसीलिए वह सुसाइड कर रहे हैं।
आपको बता दें कि मौत का साफ कारण पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

इस खबर के बाद कई मंत्रीयों और नेताओ ने ट्विट कर शोक जताया है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री ने भी ट्विट कर शोक जताया, उन्होने ट्विट में कहा कि “आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संत समाज की कई धाराओं को एक साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि यह एक ‘अपूरणीय क्षति’ है।

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