Cervical Cancer: 550 शब्दों में समझें सर्वाइकल कैंसर, किया ये तो बच जाएगी जान!

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महिलाओं को होने वाली गंभीर बिमारियों में एक नाम सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) का भी है, हाल के दिनों में इसकी चर्चा भी खूब हुई, लेकिन आज भी एक बड़ी जनसंख्या को इसकी जानकारी नहीं है की, ये होता क्या है और कैसे बचा जा सकता है। आज आपको इस आर्टिकल में सर्वाइकल कैंसर के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। जिसमें जानेंगे की कैसे इस बीमारी से बचा जा सकता है और ये होता क्यों है। आगे बढ़ने से पहले बता दें की 2019 में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट में बताया गया की सर्वाइकल कैंसर से हर साल लगभग 45 हजार महिलाओं की मौत सिर्फ भारत में हो रही है!

क्या है सर्वाइकल कैंसर

Human papilloma नाम का virus ही सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) की मुख्य वजह है, ये गर्भाशय (यूट्रस) के सबसे निचले हिस्से से शुरू होता है, जो शुरुआती तौर पर ट्यूमर होता है और बाद में कैंसर का रूप धारण करता है। इस बीमारी के फैलने के कई कारण है, इन सभी कारणों को जागरूकता के साथ ख़त्म किया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो अगर आप जागरूक हैं तो इससे बच सकते हैं।

Human papilloma virus

सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारक HPV (Human papilloma virus), 100 अलग-अलग रूपों में हो सकता है, इनमें से 14 रूप ऐसे होते हैं, जो सर्वाइकल कैंसर को बढ़ावा देते हैं। सर्वाइकल कैंसर को खतरनाक इसलिए भी माना जाता है, क्योंकि इसके लक्षण दिखने में काफी समय लग जाता है। डॉक्टर्स के कहना है की कई बार ऐसा होता है की अंतिम फेज में इसके लक्षण दिखते हैं, जहां से मरीज को बचाना नामुमकिन होता है। यही वजह है की बड़ी संख्या में बिना इलाज के महिलाओं की मौत हो जाती है।

क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर

सर्वाइकल कैंसर होने की सबसे बड़ी वजह असुरक्षित यौन संबंध है, अगर आपके पार्टनर को HPV है तो मुमकिन है की ये आपको हो जाए। ऐसी महिलाएं जो एक से अधिक पार्टनर के साथ या फिर कम उम्र में किसी के साथ यौन संबंध बना चुकी हैं तो उनके अंदर सर्वाइकल कैंसर की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके पीछे जो अन्य वजहें सामने आती हैं, उनमें बड़ी मात्रा में गर्भनिरोधक गोली लेना, गोनोरिया, सिफलिस या क्लैमाइडिया का संक्रमण भी शामिल है!

लक्षण

सर्वाइकल कैंसर के कई लक्षण हैं, इनमें मुख्यतः अनियमित पीरियड, पैरों में सूजन, ज्यादा रक्तस्राव, सम्भोग के दौरान असहनीय दर्द, यूरीनल में परेशानी और हड्डियों में दर्द, थकान और किडनी का फेल होना है। ऐसा कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से परामर्श लें, देर करने पर ये घातक हो सकता है।

बचाव

सर्वाइकल कैंसर का इलाज उपलब्ध है, लेकिन ये तभी मुमकिन है जब समय से इसका पता चल सके। इससे बचाव के लिए 9 से 26 साल की महिलाओं का टीकाकरण भी किया जाता है। इसके अलावा HPV वैक्सीन और स्क्रीनिंग तकनीक का सहारा लिया जा सकता है। ये सभी इलाज उपलब्ध हैं, बस जरुरत है जागरूकता की।

इलाज

जल्द से जल्द सर्वाइकल कैंसर को बढ़ने से रोकने के लिए कीमोथेरेपी, रेडिएसनथेरेपी, कीमोरेडिएसन और सर्जेरी की जा सकती है। ये सभी अलग-अलग प्रकार के इलाज हैं और इनका अपना तरीका होता है, सर्वाइकल कैंसर को रोकने का। अगर आप अपने जीवन को लेकर जागरूक हैं तो ऐसी किसी भी बीमारी से बच सकते हैं। यानी की जागरूकता हर साल दुनियभर में लाखों महिलाओं की जान बचा सकती है।

हर्ष पिछले 4 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मूल रूप से हर्ष गोरखपुर के रहने वाले हैं। हर्ष इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ साथ डिजिटल मीडिया का भी अनुभव रखते हैं फिलहाल समाचार नगरी में बिजनेस बीट पे काम कर रहे है। हर्ष बिजनेस के अलावा एंटरटेनमेंट, पॉलिटिकल, लेटेस्ट न्यूज, वायरल के साथ साथ धर्म बीट पर काम कर चुके हैं। इसके साथ ही हर्ष ने कई डिजिटल चैनल्स पर जमीन पर उतरकर रिपोर्टिंग भी की है।