KALYAN SINGH BIRTH ANNIVERSARY: बाबरी मस्जिद विध्वंस की ये अनसुनी कहानी!

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KALYAN SINGH BIRTH ANNIVERSARY
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नई दिल्ली: KALYAN SINGH BIRTH ANNIVERSARY :आज उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह (Kalyan Singh) की जयंती है। वो कल्याण सिंह जिनको राजनीति की शक्ति के साथ-साथ राम की भक्ति के लिए भी जाना जाता था। इनकी जीवनी के बारे में बात करें तो कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 में अतरौली, संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश भारत में हुआ था। इनकी पत्नी का नाम रामवती देवी है, जिनसे इनको एक बेटा और एक बेटी है। स्कूल के समय में ही सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य बन गए थे साथ ही आपको बता दें भारतीय राजनीति में कल्याण सिंह का नाम कई कारणों से प्रसिद्ध था।(Kalyan Singh History In hindi)

21 महीनों के लिए गए थे जेल:
ऐसा कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति, देश की देश की राजनीति का मुख्य भाग है और इसी भाग में एक अहम भूमिका निभाते हैं कल्याण सिंह। कल्याण सिंह को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राज में लगाई गई national emergency के दौरान 21 महीने के लिए जेल में डाल दिया गया था। साथ ही आपको बता दें कल्याण सिंह को बाबरी मस्जिद विध्वंस का मुख्य कारण माना जाता है।

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दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के समय में कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले कल्याण सिंह ने 6 दिसंबर, 1992 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस इसी दिन किया गया था। अगले दिन केंद्र सरकार ने भी कल्याण सिंह की सरकार को निलंबित कर दिया था।

”ना मुझे ढांचा गिरने का कोई खेद है, ना कोई प्रायश्चित। मेरी इच्छा राम मंदिर की थी। मैं कहता हूं 6 दिसंबर 1992 की घटना शर्म की नहीं बल्कि राष्ट्रीय गर्व की बात है।” कलयाण सिंह द्वारा कहे गए ये शब्द बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हर किसी के जेहन में रह गए। आपको बता दें, जैसे ही बाबरी मस्जिद की आखिरी ईट गिरी कल्याण सिंह ने अपने ही हाथों से अपना इस्तीफा लिखा और उसे खुद गवर्नर के पास लेकर गए।

5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने राम मंदिर के लिए नींव रखी थी और इस पर राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास (Satendra Das) का कहना था कि “कल्याण सिंह ने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अपनी कुर्सी का बलिदान दिया और यहां तक ​​कि बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद एक दिन के लिए जेल भी गए। वो सच्चे राम भक्त हैं और सम्मान के हकदार हैं।” कल्याण सिंह ने राम मंदिर के निर्णय पर कहा था कि वह आखिर अब शांति से मर सकते हैं क्योंकि उनका मंदिर निर्माण का यह भव्य सपना, अब जल्दी ही साकार हो जाएगा।

21 अगस्त 2021 का दिन हिंदू राष्ट्रवाद के लिए सुबह का सूर्यदय तो लेकर आया लेकिन इस काली अंधेरी रात ने ढेर सारी आंखों को नम कर दी। कल्याण सिंह का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। इन्होंने अपनी अंतिम सांस SGPGI अस्पताल लखनऊ में ली। डॉक्टरों ने इनके निधन का मुख्य कारण Sepsis और Multiple Organ Failure बताया। इनकी मौत हिंदुत्व और उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बहुत बड़ी क्षति थी।

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