अग्निवीर भर्ती के लिए गोरखपुर पहुंचे अभियर्थियों को खुले में सोते देख मदद को आगे आए समाजसेवी, लगवाया टेंट

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अग्निवीर भर्ती के लिए चल रही दौड़ में अन्य जिलों से भाग लेने के लिए आ रहे युवा बिना किसी शेड के सोने और रहने को मजबूर हैं। जी हाँ, ये खबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर से आ रही है। जहां अभी अग्निवीर योजना के तहत होने वाली भर्ती की दौड़ चल रही है, अन्य जिलों से पहुंचे युवा रहने के लिए आसरा ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रशाशन से कोई भी मदद नहीं मिल रही है। ऐसे में कुछ समाजसेवी इन युवाओं की समस्या को देखते हुए आगे आए हैं।

न है कोई इंतजाम

मिली जानकारी के मुताबिक गोरखपुर के जिस ग्राउंड पर दौड़ चल रही है, वहां रहने का कोई इंतजाम न होने से युवा परेशान थे। उन्हें खुले में सोते देख स्थानीय पार्षद राजा यादव और समाजसेवी अमलेश शुक्ला ने अपनी ओर से इंतजाम किए। गोरखपुर नगर निगम के मेयर से बात करके सबसे पहले अलाव की व्यवस्था की गई।

पार्षद और समाजसेवी आए आगे

इसके अलावा पार्षद राजा यादव और समाजसेवी अमलेश शुक्ला ने अपने स्तर से छात्रों के लिए टेंट लगवाया, ताकि कोई भी खुले में न सोए। बता दें की देश के तमाम हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, गोरखपुर जैसे जिलों में ठंड के साथ शीतलहर का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है, ऐसे में खुले आसमान के निचे सोने को मजबूर अग्निवीर में शामिल होने आए युवाओं के लिए उचित नहीं है।

प्रशाशन भले ही कुछ न करे, लेकिन समजसेवियों के रहते किसी को भी परेशानी नहीं होने वाली है। समाजसेवी अमलेश शुक्ला ने बताया की अगर छात्रों को अन्य कोई भी मदद चाहिए होगी तो वो उपलब्ध हैं। बाकी नगर निगम को अवगत करवा दिया गया है। देखना होगा की क्या इंतजाम किए जाते हैं।

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12 जिले से पहुंचे हैं अभ्यर्थी

सेना में भर्ती होने का सपना लेकर चलने वाले अभ्यर्थी पुरे जोश से दौड़ लगा रहे हैं, गोरखपुर में अन्य 12 जिलों से अभ्यर्थी पहुंचे हैं। जिसमें जौनपुर, मिर्ज़ापुर, भदोही और गाजीपुर से सबसे अधिक संख्या गोरखपुर पहुंची है।

मंगलवार से शुरू हुई दौड़

गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रही इस भर्ती के लिए मंगलवार को पहले बैच को बुलाया गया, जहां से सिलेक्टेड कैंडिडेट को आगे मेडिकल के लिए भेजा गया और जो सेलेक्ट नहीं हुए उन्हें वापस लौटा दिया गया।