Most Killer Viruses: They are ancient, they are deadly and the are found everywhere Yes, we are talking about viruses

कोरोना वायरस कोई पहला ऐसा वायरस नहीं है जिसकी वजह से पूरी दुनिया pareshan है। इससे पहले भी खतरनाक वायरस फैले हैं जिससे 90% लोगों की death हुई है।

इन दिनों दुनियाभर में कोरोना वायरस के नाम से ही लोग परेशान है। कुछ देश तो इसकी त्रासदी भी झेल रहे हैं। अच्छे खासे दौड़ते-भागते शहर इन दिनों ठहर से गए हैं। हमेशा लाखों लोगों से रोशन रहने वाली सड़के खाली पड़े हैं। लोग अपने घरों में दुबके बैठे हैं। ऐसे में जंगली जानवर जंगल से निकलकर सड़क पर आ गए हैं, आलम ये हो गया है कि कई शहरों में जंगली जानवर सड़कों पर घूमते टहलते देखे जा रहे हैं। (But there are other viruses out there that are equally deadly and more than dangerous than corona virus)

There are the 10 worst killers, based on the likelihood that a person will die if they are infected with one of them मगर उनके बारे में अब तक न तो लोगों ने सुना है ना ही उनको इसके बारे में जानकारी है। हम आपको इस रिर्पोट में कुछ ऐसे ही वायरसों के बारे में बताऐगें |

1) Marburg virus: In 1967 (मारर्बग वायरस)

इसे दुनिया का सबसे खतरनाक वायरस कहा जाता है। अब सवाल ये उठता है कि किसी वायरस का नाम मारबुर्ग कैसे हो सकता है? इस नाम की खोज कैसे की गई तो हम आपको बता दें कि इस वायरस का नाम जर्मनी के मारबुर्ग शहर के नाम पर पड़ा है। Year 1967 में इसके सबसे ज्यादा मामले देखे गए थे. If you are infected with this virus so it develop high fevers and bleeding throughout the body that can lead to shock, organ failure and death.

2) इबोला वायरस: 2013 से 2016 के बीच west अफ्रीका में इबोला virus फैला था। इस वायरस ने यहां पर 11000 से ज्यादा लोगों की जान ली थी। इबोला वायरस की भी कई किस्में होती हैं। सबसे घातक किस्म के संक्रमण से 90 % logo की मौत हो जाती है।

3) हंटा वायरस: इन दिनों चीन में हंटा वायरस के बारे में भी खबरें आ रही है। (यहां पर इस वायरस से एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है, इसी के बाद से ये वायरस भी चर्चा में आ गया है। बताया जा रहा है कि यह कोई नया वायरस नहीं है, इस वायरस के लक्षणों में फेफड़ों के रोग, बुखार और गुर्दा खराब होना शामिल हैं। ये रोग चूहे से इंसान के शरीर में होना बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जिस चीज को चूहा खा लेता है या अपने दांत लगा देता है और उसी चीज का सेवन कोई आदमी कर लेता है तो वो उस वायरस का शिकार हो जाता है।)

4) रैबीज: इस वायरस के बारे में अधिकतर लोगों को पता ही है। ये वायरस कुत्तों, लोमड़ियों और चमगादड़ों के काटने से फैलता है। (कई बार पालतू कुत्तों के काटने के बाद भी रैबीज फैलने की संभावना होती है इससे बचाव के लिए इंजेक्शन लगवाया जाता है। लेकिन भारत में यह आज भी रेबीज समस्या बनी हुई है। यदि एक बार ये वायरस मनुष्य के शरीर में पहुंच जाए तो उसकी मौत पक्की मानी जाती है।)

5) रोटा वायरस:
यह वायरस नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। साल 2008 में रोटा वायरस के कारण दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के लगभग पांच लाख बच्चों की जान चली गई थी।

6) चेचकये: चेचकये काफी पुराना वायरस है। अक्सर दुनिया भर के गांवों में इस वायरस के मरीज पाए जाते रहे हैं। (इंसान ने इस वायरस पर काबू पाने के लिए काफी लंबे समय तक जंग लड़ी। मई 1980 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने घोषणा की कि अब दुनिया पूरी तरह से चेचक मुक्त हो चुकी है, उससे पहले तक चेचक के शिकार हर तीन में से एक व्यक्ति की जान चली जाती थी। उसके बाद लोग सचेत हुए और उसी हिसाब से इलाज कराना शुरु किया)

7) इन्फ्लुएंजा: इन्फ्लुएंजा दुनिया भर में हर साल हजारों लोग इन्फ्लुएंजा के शिकार होते हैं। दूसरे शब्दों में इसे फ्लू भी कहते हैं। 1918 में जब इसकी महामारी फैली तो दुनिया की 40% आबादी संक्रमित हुई और पांच करोड़ लोगों की जान गई थी। इसे स्पेनिश फ्लू का नाम दिया गया। वैसे अभी तक कोरोना वायरस से इतने लोगों की जान नहीं गई है मगर पूरी दुनिया डरी सहमी हुई है। 

8) डेंगू: Dengue virus first appeared in the 1950s in the Philippines and Thailand, मच्छर के काटने से डेंगू फैलता है। Dusre वायरस के मुकाबले इसकी मृत्यृ दर काफी कम है लेकिन इसमें इबोला जैसे लक्षण हो सकते हैं। 2019 में अमेरिका ने डेंगू के वैक्सीन को पास किया था.

9) एचआईवी: In the modern world, the deadliest virus of all may be HIV (An estimated 32 million people have died from HIV since the disease was first recognized in the early 1980s. “The infectious disease that takes the biggest toll )

वायरस की पहचान हो जाने के बाद से अब तक तीन करोड़ से ज्यादा लोग इस वायरस के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं, एचआईवी वायरस की वजह से एड्स होता है जिसका आज भी पूरे तरीके का ईलाज मिल नहीं पाया है.

Edited by- Vanshika & Divyanshu

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