Happy Makar Sankranti 2022 : जाने मकर संक्रांति से प्रचलित सबसे रोचक कथा.

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Happy Makar Sankranti 2022
Happy Makar Sankranti 2022

पहल गुप्ता, नई दिल्ली: Happy Makar Sankranti 2022 नए साल की शुरुवात हो चुकी है। नववर्ष के प्रारंभ होते ही खुशियों की झोली भरे बहुत सारे त्योहारों अपना दस्तक देना प्रारंभ कर देते है। जनवरी मास के शुरुवाती दौर में ही लोहड़ी की अगले दिन मनाया जाता है मकर संक्रांति का पावन त्यौहार। हर साल मकर संक्रांति का त्योहार 14 या 15 जनवरी को पूरे भारत धूमधाम,हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। ज्योतिषी विद्या के अनुसार कहा जाता है की जब सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता हैं, तब मकर संक्रान्ति का त्योहार मनाया जाता है। आपको बता दे की इस दिन वसंत ऋतु की शुरुवात होती है। हिंदू धर्म के अनुसार मकर संक्रांति के त्योहार का बहुत महत्त्व होता है। ये दिन बड़ा ही पावन माना जाता है क्योंकि आज के खरमास का अंत होता है।

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Happy Makar Sankranti 2022 मकर संक्रांति के दिन से बहुत सारे शुभ कामों का प्रारंभ हो जाता है। मकर संक्रान्ति के दिन उड़द की दाल की खिचड़ी बनाकर खाने और बांटने का चलन है। कहा जाता है कि मकर संक्रान्ति के दिन खिचड़ी बनाने की प्रथा बाबा गोरखनाथ के समय से शुरू हुई थी । खिचड़ी के पावन अवसर पर गोरखपुर में स्थित गोरक्षधाम मंदिर मे बहुत बड़ा आयोजन होता है जिसमे खिचड़ी वितरण का आयोजन होता है। इस दौरान वहा पर अमीर से लेकर गरीब सभी लोग शामिल होते होते है और एक साथ बैठ कर खिचड़ी खाते है।

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इतिहास के अनुसार, बात उस समय की है जब जब खिलजी ने आक्रमण किया था, तब नाथ योगियों को युद्ध के दौरान भोजन बनाने का समय नहीं मिलता था और वे भूखे ही लड़ाई के लिए निकल जाते थे। उस समय बाबा श्री गुरु गोरखनाथ ने दाल, चावल और सब्जियों को एक साथ पकाने की सलाह दी थी। तब योगियों ने दाल चावल को एक साथ मिला कर ये झटपट तैयार होने वाला व्यंजन बनाया। इससे योगियों का पेट भी भर जाता था और ये काफी पौष्टिक भी होती थी। बाबा गोरखनाथ ने इस व्यंजन का नाम खिचड़ी रखा। खिलजी से मुक्त होने के बाद मकर संक्रान्ति के दिन योगियों ने उत्सव मनाया और उस दिन खिचड़ी का वितरण किया। तब से मकर संक्रान्ति का पर मनाया जाने लगा।

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