कोरोना के कैसेस दिन प्रति दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। परंतु दुख की बात यह है की चुनावी रैलियां अभी भी रुकने का नाम नहीं ले रही है। पश्चिमी बंगाल, तमिल नाडु, केरला और असम में विशाल चुनावी रैलियां रुकने का नाम ही नही ले रही है।

पुरे देश में कोरोना मामले लगभग 2 करोड़ के आस पास हो चुके है, लेकिन इन सबके बाद सरकार ना तो लॉकडाउन लगा रही है, ना ही कोई अहम फैसला कर रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री देश को सम्भोधित करते हुए कन्टेनमेंट जोन की बात करते है वही दूसरे तरफ बंगाल में रैली करते हुए दिखाई देते है, जहा हज़ारो की भीड़ जुटती है.

लेकिन अब बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा फैसला किया है, अब प्रधान मंत्री मोदी की रैली में सिर्फ 500 लोग ही आएँगे। लेकिन क्या इससे कोरोना के मामले काम होंगे?

हाल ही में बंगाल की मुख्य मंत्री ममता बनर्जी ने अपनी कई रैली को रद्द कर दिया है साथ ही कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी ने भी अपने सभी रैलियो को रद्द किया था। लेकिन इन सब के बाबजूद बीजेपी ने ऐसा कोई बड़ा फैसला नहीं लिया।

2 मई को बंगाल चुनाऊ के नतीजे आने है, बीजेपी जीते या टीएमसी वो तो वक़्त ही तै करेगी लेकिन इस चुनाऊ से देश को क्या मिला क्या नहीं मिला वो हम अच्छे से देख ही रहे है।

-By Prerna

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