जानिए कैसे खिलाड़ी से चरणजीत सिंह चन्नी ने तय किया मुख्यमंत्री बनने तक का सफर, जानिए पूरी कहानी…

काफी चर्चा और बहस के बाद, आज रविवार को पंजाब के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। कांग्रेस ने दलित-सिख नेता चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। चन्नी कल सूबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

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Charanjit Singh Channi Punjab CM Biography
Charanjit Singh Channi Punjab CM Biography

गुरुत्व राजपूत, नई दिल्ली: काफी चर्चा और बहस के बाद, आज रविवार को पंजाब के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो गया है। कांग्रेस ने दलित-सिख नेता चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। आपको बता दे कि बीते शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री के पद से इस्तिफा दे दिया था, उनका कहना था कि वे अपने आप को अपमानित महसूस कर रहें थे। चन्नी कल सूबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आज हम आपको बताएंगे कि कौन है ये चरणजीत सिंह चन्नी…

49 वर्षीय चरणजीत सिंह चन्नी का जन्म 2 अप्रैल 1973 को पंजाब के भजौली गांव में एक गरीब परिवार में हुआ। चन्नी और उनके परिवार ने पिछले सालों में काफी संघर्ष करा है। चन्नी के पिता एस. हरसा सिंह को अपने परिवार को आर्थिक सुरक्षा के स्तर पर लाने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा, जिसके लिए उन्हें मलेशिया में उन्हे प्रवास करना पड़ा। उन्होंने कड़ी मेहनत की और आखिरकार सफलता ने उन्हें और उनके परिवार को गले लगा लिया।

चन्नी ने अपनी प्राथमिक स्कूली शिक्षा एक सरकारी स्कूल से प्राप्त करी और फिर खरड़ के खालसा हायर सेकेंडरी स्कूल से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज में दाखिला लिया था। वहां से ग्रेजुएशन करने के बाद, और कानून की पढ़ाई के लिए उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में प्रवेश लिया। बाद में उन्होंने पीटीयू जालंधर से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स किया और हालही में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से पीएचडी की पढ़ाई पूरी की।

आपको बता दें कि चन्नी हैंडबॉल के खिलाड़ी भी रहें है और उन्होने पंजाब विश्वविद्यालय को भी रीप्रेजेंट किया, इसी के साथ इंटर-यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स मीट में उन्हें स्वर्ण पदक भी मिला है। राष्ट्रीय स्तर भी चन्नी ने हैंडबॉल में अपना हाथ जमाए रखा।

चन्नी का राजनीति में सफर अपने स्कूल से ही शूरु कर दिया था, वे स्कूल में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल थे और स्कूल छात्र संघ के अध्यक्ष भी चुने गए थे।आपको बता दें कि चन्नी के पिता ग्राम पंचायत के सरपंच थे और बाद में ब्लॉक समिति के सदस्य भी बने। घर में ही राजनैतिक माहोल होने के कारण चन्नी का राजनीति में दिलचस्पी बढ़ गई। अधिकारिक तौर पर चन्नी ने राजनैतिक सफर की सीढ़ी नगरपालिका चुनाव से करा और वह तीन कार्यकाल के लिए नगर पार्षद बने और इसके बाद नगर परिषद के अध्यक्ष भी बने। साल 2007 में उन्होने विधायक का पद हासिल किया। आपको बता दें कि 2015-2016 में चन्नी पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता रहें है और मार्च 2017 में उन्हें कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में नेता बनाया गया।

चन्नी के खिलाफ एक #MeToo का मामला भी विचाराधीन है। उन्होने एक महिला IAS को अनुचित संदेश भेजा दिया था, कहा जाता है कि महिला ने कभी शिकायत दर्ज नहीं कराई लेकिन इस साल मई में मामला फिर सामने आया जब पंजाब महिला आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस भेजकर आरोप पर जवाब मांगा।

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