Kinnor Landslide Rescue Operation : हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में अब तक का सबसे मुश्किल ऑपरेशन रेस्क्यू एजेंसियों द्वारा चलाया जा रहा है, पहाड़ों से पत्थर गिरने का सिलसिला अभी तक जारी है। हाईवे के ऊपर पहाड़ों से नए लैंडस्लाइड का खतरा अब तक टला नहीं है, आईटीबीपी की टीम ने हाईवे को फिलहाल के लिए फौरी तौर पर खोल दिया है। लेकिन अभी तक भी इस हाईवे पर पत्थर गिर रहे हैं।


किन्नौर के नेशनल हाईवे-5 पर कुदरत का कहर बरसने के बाद इस वक्त सबसे ज्यादा मुश्किलें सर्च ऑपरेशन चलाने में आ रही हैं। पहाड़ों से लगातार पत्थर गिरने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम को बहुत मुश्किल आ रही है। किन्नौर का ये सर्च ऑपरेशन कई मामलों में अलग और खतरनाक है। अपने जांबाज हौंसलों के लिए पहचाने जाने वाली इंडो तिब्बत पुलिस फोर्स और एनडीआरएफ की टीम एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रही है।


इसकी वजह यह है कि चौरा और निगुलसरी के बीच ये वो इलाका है, जहां कब पहाड़ खिसकने लगें कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि, हाईवे खोल दिया गया है लेकिन रेस्क्यू टीमों को डर है कि कहीं वह खुद नए लैंडस्लाइड की चपेट में ना आ जाए।

आईटीबीपी से लेकर एलडीआरएफ के जवान तक अपनी खुद की जान को खतरा होते हुए बी हाईवे पर डटे हुए हैं, और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। लैंडस्लाइड के खतरे के बीच अब हाइवे से गुजरने वाले हर वाहन की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है, जैसे ही पत्थर गिरने की भनक भी लगती है तो वाहनों को रोक दिया जाता है।


जवानों की सतर्क नजरें पहाड़ों में होने वाली हर हरकत पर हैं। वाहन डर-डर कर हाईवे पार कर रहे हैं, सचमुच यह एक खतरनाक और मुश्किल ऑपरेशन है लिकिन हमारे जांबाज सैनिक डट कर इस मुश्किल की घड़ी को सामना कर रहे हैं और हमें हमारे राहतकर्मियों पर पूरा भरोसा है कि वो आखिरी दम तक एक कामयाब सर्च ऑपरेशन को अंजाम देंगे।


अब तक 15 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं

किन्नौर के भयानक लैंडस्लाइड ने कई लोगों के घर के चिराग बुझा दिये हैं, अब तक मलबे में दबे लोगों में से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 घंटे से जारी सर्च ऑपरेशन के बाद भी बस के सारे मुसाफिरों का अब तक भी पता नहीं चला है। लेकिन आईटीबीपी और एनडीआरएफ जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए हैं और लोगों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

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