नई दिल्ली: पूर्वी उत्तर रेलवे में जल्दी ही सिगन्ल सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आपको बता दें, अभी तक अब्सोल्यूट सिगन्ल सिस्टम चल रहा था और अब इसको ऑटोमेटिक सिगन्ल सिस्टम में बदलने की खबरें आ रही हैं। इस सिस्टम में ट्रेनों के आने का इंतजार नहीं करना होगा। ट्रेनें एक के पीछे एक चलेंगी और बिना किसी कारण यार्ड में खड़ी भी नहीं होंगी जिससे समय की काफी बचत होगी।

अगर आपके लिए ट्रेनों में ट्रैवल करना आम बात है तो यह आपके लिए सूकून ला सकता है क्योंकि इस सिस्टम से रेलवे पर रफ्तार के साथ साथ ट्रेनों की क्षमता भी बढ़ा दी जाएगी। स्टेशन से एक ट्रेन के निकलते ही दूसरी ट्रेन को भी ग्रीन सिगन्ल मिल जाएगा।

गोरखपुर के रास्ते से लखनऊ से छपरा तक ऑटोमेटिक सिगन्ल सिस्टम को लागू करने के लिए मंजूरी मिल चुकी है। आपको बता दें सबसे पहले यह ऑटोमेटिक सिगन्ल सिस्टम के लिए पहले भाग में बाराबंकी, गोंडा, बस्ती के रास्ते लखनऊ से गोरखपुर के बीच 272 किलोमीटर तक की लंबी रेल लाइन का चयन किया गया है वहीं दूसरे भाग में गोरखपुर, भटनी, छपरा रूट पर भी ऑटोमेटिक सिगन्ल सिस्टम को लगाया जाएगा और अभी गोरखपुर से छपरा के रास्ते पर काम भी शुरू कर दिया गया है।

इस पर प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक अनिल कुमार सिंह का कहना है कि ऑटोमेटिक सिगन्ल सिस्टम से ट्रेनों का संचलन काफी आसानी से होगा और इससे ट्रेनें यार्ड में खड़ी नहीं होगी। अब्सोल्यूट सिगन्ल सिस्टम में एक स्टेशन से ट्रन निकलती है और फिर दूसरे स्टेशन में पहुंचने के बाद वहां पर खड़ी ट्रेनों को रवाना किया जाता है। गोरखपुर की बात करें तो सिगन्ल सिस्टम चेंज होने के बाद ट्रेन को गोरखनाथ पुल पार कर लेने पर ही गोरखपुर जंक्शन से दूसरी ट्रेन को रवाना कर दिया जाएगा।

Leave a comment

Your email address will not be published.