हिमाचल प्रदेश भूस्खलन: प्रधानमंत्री ने भूस्खलन की स्थिति को लेकर सीएम जयराम ठाकुर से बात की और बचाव कार्य में हर संभव मदद करने का आश्वीसन दिया। बुधवार को किन्नौर जिले में हुए भूस्खलन पर हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर ने कहा है कि मलबे में 50 से 60 लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबे में फंसी बस के ड्राइवर और कंटक्टर समेत 4 लोगों को बचा लिया गया है।


आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय ने बताया कि केंद्रीय बल की 3 बटालियन के करीब 200 जवान भूस्खलन की जगह पर मौजूद हैं, और बचाव कार्य जारी है। फायरिंग स्टोन के रूकने के लिए टीमें पिछले 1 घंटे से अधिक समय से इंतजार कर रही हैं। माना जा रहा है कि करीब 40 लोग मलबे में फंसे हुए हैं। यह क्षेत्र वर्तमान में बहुत खतरनाक है, “उन्होंने कहा।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीएम जयराम ठाकुर से बात की और जारी मदद कार्य में हर संभव सहायता का विश्वास दिया है।
किन्नौर के डिप्टी कमिश्नर आबिद हुसेन सादिक ने कहा कि सेना, राष्ट्रपति आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय बचाव कार्य के लिए बुलाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्थर अभी भी गिर रहे हैं जिसके कारण बचाव कार्य चलाने में दिक्कत हो रही है।


राज्य परिवहन निगम की एक बस सहित कई वाहन मलबे में दब गए हैं, जिसमें 40 से अधिक यात्री सवार थे। सादिक ने पीटीआई-भाषा को बताया कि बस किन्नौर से रिकांग पियो से शिमला जा रही थी। केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने भी हिमाचल के सीएम से बाक कर भूस्खलन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) को हिमाचल प्रदेश सरकार को बचाव और राहत कार्यों में हर संभव सहायता देने का निर्देश दिया। शाह ने मुख्यमंत्री को केन्द्र की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।


अब की स्थिति की जानकारी देते हुए, सीएम ने कहा कि भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें बचाव अभियान के लिए मौके पर आ गई हैं। पत्थर गिरने और फिसलने का सिलसिला अभी भी जारी है। उन्होंने कहा की सेना बचाव कार्य शुरू करने की कोशिश कर रही हैं।

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