प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की,कि केंद्र सरकार अगले दो महीने (मई और जून) तक लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराएगी। पीएम गरीब कल्याण ऐन योजना के माध्यम से यह सुविधा प्रदान करेगी। योजना के अनुसार, केंद्र लाभार्थियों को 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न प्रदान करेगा। केंद्र सरकार ने कहा कि वह इस पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने जोर देकर कहा कि गरीबों को उस समय पोषण का समर्थन मिलना जरूरी है जब देश covid -19 की दूसरी लहर का सामना कर रहा है।

आपको बता दे कि पिछले साल मार्च में, सरकार ने पीएम गरीब कल्याण योजना की घोषणा की, जिसके तहत गरीबों को लगभग तीन महीने (अप्रैल-जून) में मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। तब सरकार ने कहा कि विशेष योजना से लगभग 81 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होंगे और उन्हें प्रति माह 5 किलोग्राम प्रति व्यक्ति के मान से अतिरिक्त खाद्यान्न (चावल / गेहूं) का अतिरिक्त कोटा प्रदान किया जाएगा, बाद में इस योजना को नवंबर तक बढ़ा दिया गया था |

देश में कोविड-19 के दूसरे लहर को देखते हुए केंद्र सरकार ने खाद्यान्न उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। अभी फिलहाल में कोविड-19 के मामले बढ़ने से कुछ राज्यों में लॉकडाउन लगा दिया गया है तो वही इससे लोगों पर खाद्यान्न की भारी संकट आन पड़ी है , लॉकडाउन के कारण बहुत से कंपनी बंद हो गई है। जिससे लोगों की नौकरी चली गई है ,और लोगों के पास खाने के पैसे ना होने के कारण वह अपने – अपने घर जा रहे हैं।

जो लोग अपने घर को छोड़कर नौकरी की तलाश में महानगरों में नौकरी करने आए हैं उनको कोविड-19 के कारण बहुत ज्यादा मुसीबत का सामना करना पड़ा है कोविड-19 में नौकरी चली गई और खाने के लिए पैसे की कमी हो रही है ऐसे में केंद्र सरकार के इस योजना से गरीब मजदूरों और प्रवासियों को राहत मिलेगा।

लोगों का मानना था कि बहुत जल्द संपूर्ण लॉकडाउन लग जाएगा, कहीं यह उसी का इशारा तो नहीं है क्योंकि कोविड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और यह कब तक खत्म हो जाएगा इसका कहना बहुत मुश्किल है।

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