अगले दो हफ्तों में जायडस कैडिला की वैक्सीन को इमरजेंसी यूज की मंजूरी दे सकता है भारत। कोरोना की इस वैक्सीन का 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों पर ट्रायल हुआ है, जायडस कैडिला का दावा है कि उनकी कम्पनी की यह वैक्सीन 12 से 18 साल के बच्चों के लिए 66.60 प्रतिशत कारगर है, अब जल्द ही डीसीजीआई से से वैक्सीन के यूज की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इस जानकारी को नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ पॉल ने सांझा किया है।


बता दें कि 3 डोज वाली इस वैक्सीन को 4-4 हफ्तों के अंतराल पर दिया जा सकता है, वैक्सीन को 2-8 डिग्री तापमान पर स्टोर किया जा सकता है।
कोरोना वैक्सीन जाइकोव डी (Zycov D) का तीसरे चरण का ट्रायल पूरा हो चुका है। कैडिला ने वैक्सीन के इमरजेंसी यूज के लिए सीडीएससीओ (सेंट्रल ड्रग स्टैंण्टर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन) से मंजूरी मांगी है।

कंपनी ने करीब 28 हजार लोगों पर ट्रायल करने के बाद इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए अवेदन किया है, जिस पर सीडीएससीओ की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमिटी द्वारा डेटा एनालिसिस किया जा रहा है, कंपनी ने अपनी तरफ से सारा डेटा दे दिया है।


कुछ दिनों पहले जायडस कैडिला ने दावा किया था कि यह वैक्सीन 66.60 फीसदी असरदार है और 12 से 18 साल के बच्चों पर इसका ट्रायल भी सुरक्षित पाया गया है। ये पहली Plasmid डीएनए वैक्सीन है, यह नीडल फ्री होगी, इसमें इंजेक्शन का इस्तेमाल नही किया जाएगा। इसे जेज इंजेक्टर के ज़रिये दिया जा सकेगा। कंपनी की साल में 10 से 12 करोड़ डोज बनाने की योजना है।

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