पीएम मोदी ने आईपीएस प्रोबेशनर्स से आग्रह किया कि जब वह फील्ड में हों तो कोई भी निर्णय लेते समय राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखें और राष्ट्रीय के दृष्टिकोण से ही कोई भी फैसला लें।

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पुलिस सेवा के प्रोबेशनर्स से कहा Nation First, Always First की भावना उनकी हर कार्रवाई में दिखाई देनी चाहिए और उनहें लोगों के बीच ( हर काम बल से ही होता है) इस धारणा को भी बदलने की दिशा में काम करना चाहिए।

उन्होंने आईपीएस प्रोबेशनर्स से आग्रह किया की जब वह फील्ड में काम कर रहे हों तो कोई भी निर्णय लेते समय राष्ट्रीय हित को ध्यान रखें, और राष्ट्रीय के दृष्टिकोण से ही किसी भी फैसले का चयन करें।

“आपको हमेशा याद रखना होगा कि आप” एक भारत, श्रेष्ठ भारत “के भी ध्वजवाहक हैं,” पीएम मोदी ने कहा।
इसलिए, Nation First, Always First, की भावना आपके हर कार्य में पहले होनी चाहिए, “प्रधानमंत्री ने वीडियो- कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकेडमी में IPS Probationers को मंबोधित करते हुए कहा।


पीएम मोदी ने कहा लोगों के बीच पुलिस की नकारात्मक छवि अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने साथ में यह भी कहा की कोरोनावायरस की महामारी की शुरुआत में लोगों की यह धारणा थोड़ी बदल गई जब उन्होंने पुलिस कर्मियों को मदद करते हुए देखा, लेकिन स्थिति एक बार पुरानी जैसी होने लगी है।

“हमारे पुलिसकर्मी देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने आतंकवाद से लड़ने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर देते हैं। वह कई दिनों तक घर नहीं जा पाते, त्यौहारों के दौरान भी कई बार घर नहीं जा पाते हैं, लेकिन जब बात पुलिस की छवि की आती है, यहां लोगों की सोच अलग है, “पीएम ने कहा।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा की पुलिस फोर्स में आने वाली पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि पुलिस की इस नकारात्मक छवि को बदलें जिससे लोगों की धारणा में भी बदलाव आए।


प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में, भारत ने एक बहतर पुलिस सेवा बनाने की कोशिश की है और हाल के वर्षों में पुलिस प्रशिक्षण के बुनियादी ढ़ांचे में भी काफी सुधार हुआ है।
पीएम मोदी ने आईपीएस प्रोबेशनर्स से कहा कि 1930 से 1947 के बीच जिस तरह देश के युवा देश में आगे आए, पूरी युवा पीढ़ी एक लक्ष्य के लिए एकजुट हुई, आज आपसे उसी भावना की उम्मीद है। उस समय देश के लोगों नेस्वराजके लिए लड़ाई लड़ी थी, आज आपकोसुराज्य` (सुशासन) के लिए आगे बढ़ना है।


आप अपना करियर ऐसे समय में शुरु कर रहे हैं जब भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है हर क्षेत्र में हर स्तर पर।
उन्होंने कहा कि आपके करियर के आने वाले 25 साल भी भारत के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण साल होंगे। इसलिए आपकी तैयारी, आपकी मानसिक स्थिति, इस बड़े लक्ष्य के अनुरुप होनी चाहिए।

By Nikita

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