SIP की पूरी जानकारी कुछ आसान शब्दों में, जानिए कैसे मिलता है भारी रीटर्न

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SIP का नाम तो सुना ही होगा, ये निवेश का एक तरीका है। SIP का मतलब होता है सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, यानि की निवेश का नियमित तरीका। इसमें मासिक और सालाना आधार पर रकम निवेश की जाती है, जोकि एक निश्चित समय के लिए होता है। ये रकम आपके बैंक खाते से अपने आप कट जाती है। अगर आप भी इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं तो आज आपको कुछ खास जानकारियां देने वाले हैं, जोकि निवेश से पहले आपको जरूर जान लेनी चाहिए।

SIP में निवेश करने के लिए आपके पास दो विकल्प हैं, इसमें एक ऑनलाइन और दूसरा ऑफलाइन है। ऑनलाइन माध्यम में किसी भी ब्रोकर की जरुरत नहीं होती है। यहां ब्रोकर की भूमिका ऑनलाइन प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने वाली कंपनियां निभाती हैं। ऑनलाइन हो या ऑफलाइन दोनों माध्यम से अकॉउंट खोलने के लिए एक ही डॉक्युमेंट्स की जरुरत होती है। जैसे की पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर। ये सभी चीजे होने पर आप भी अपना ट्रेडिंग अकाउंट खोल सकते हैं।

SIP में निवेश करना मार्केट रिस्क के आधार पर चलता है। अगर मार्केट उपर जाता है तो निवेश पर रीटर्न भी बढ़ता है, जैसे ही ये निचे जाएगा निवेश भी कम हो जाएगा। ये देखा गया है की लंबे समय तक के लिए निवेश करने पर बेहतर रीटर्न मिल जाता है। आइए आपको एक कैलकुलेशन बताते हैं, जोकि ऑनलाइन कैलकुलेटर से निकाला गया है।

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हमने एक नार्मल कंपनी चुनी, जो 12 फीसदी का रेतुरं देती है। अगर आप हर महीन 3000 रुपये का निवेश करते हैं तो पांच साल बाद आपने कुल 1,80,000 रुपये का निवेश किया है और ब्याज जोड़ने पर कुल 2,47,459 रुपये मिलने वाले हैं। इसमें 67,459 रुपये का इंट्रेस्ट मिल रहा है। ऐसे ही और भी आंकड़े बनते हैं।

सुप्रिया राज को मीडिया छेत्र में लगभग दो सालो का अनुभव है। सुप्रिया दैनिक भास्कर में बतौर एंटरटेनमेंट न्यूज़ कंटेंट राइटर के रूप में काम किया है, उसके बाद कई सारे मीडिया हाउस में फ्रीलान्स भी किया किया है। फरवरी 2023 से समाचार नगरी के साथ जुडी है और यहां (एंटरटेनमेंट, धर्म/अध्यात्म, ज्योतिष, गैजेट, और ऑटो) की खबरों पर काम कर रही हैं। सुप्रिया राज का मकसद लोगों तक बेहतरीन हिंदी स्टोरी पहुंचाना है।