SBI की FD दरों में बदलाव, जानिए कितने दिन पर मिलेगा 7.50 फीसदी इंट्रेस्ट

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भारत में फिक्स डिपाजिट निवेश का एक परम्परिक माध्यम रहा है, बड़ी संख्या में आज भी लोग इसी में निवेश करते हैं। इसमें होता ये है की किसी प्रकार के नुकसान की संभावना नहीं होती और एक समय बाद रीटर्न भी बेहतर मिल जाता है। देश के सबसे बड़े बैंकों में गिने जाने वाले SBI (स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया) को आप जानते ही होंगे। आज इसी के फिक्स डिपाजिट रेट के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

निवेश अवधि

SBI के पास सात दिन से लेकर 10 साल तक के लिए निवेश प्लान है, यानी की आप कम से कम सात दिन और अधिक से अधिक दस साल के लिए SBI में पैसे फिक्स करवा सकते हैं, हालांकि इसे बाद में बढ़ाया भी जा सकता है। अवधि के हिसाब से इंट्रेस्ट रेट भी बदल जाता है, जितना अधिक समय के लिए निवेश उतना अधिक रीटर्न।

दो वर्ग

SBI में पैसे फिक्स करने पर दो वर्ग में ब्याज दिया जाता है, पहले वर्ग में सीनियर सिटीजन आते हैं और दूसरे में बाकी सभी लोग। सीनियर सिटीजन और आम लोगों को उनके फिक्स डिपाजिट पर मिलने वाले ब्याज में 0.50 फीसदी तक का अंतर देखा गया है। इंट्रेस्ट रेट में पिछले महीने ही बदलाव किए गए हैं, आइए जानते हैं।

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सीनियर सिटीजन को कितना मिलता है रीटर्न

अगर आप सीनियर सिटीजन की कैटेगरी में आते हैं तो आपके लिए 3.50 फीसदी से लेकर 7.50 फीसदी तक की ब्याज दर तय है। जैसा की हमने पहले ही बताया की ये अवधि पर निर्भर करता है की कितना रीटर्न मिलेगा। सीनियर सिटीजन अगर सात दिन के लिए निवेश करते हैं तो 3.50 फीसदी ब्याजदर होगी, वहीं दस साल के लिए ये बढ़कर 7.50 फीसदी तक हो जाती है।

आम लोगों को कितना मिलेगा रीटर्न

आम लोगों को SBI में पैसे फिक्स करने पर 3 से लेकर 6.50 फीसदी तक का रीटर्न मिल जाता है। अगर आप सात दिन के लिए निवेश करेंगे तो तेन फीसदी और अगर दस साल के लिए करेंगे तो 6.50 फीसदी तक का रीटर्न मिलेगा। इसमें भी समय के अनुसार ब्याज दरें बदल जाती हैं।